चाहत
सोना कौन चाहता है, मैं तो बस तेरी यादों में, खोना चाहता हूं, कुछ पल तुझ संग गुजरना चाहता हूं, तेरी बातो को एकटक, सुनना चाहता हूं, तू बेफिक्र हो, चैन से सोती रहे, मैं तेरे सपनों का खरीददार बनना चाहता हूं, तेरे हर पल को, हसीं बना सकता हूं, मैं तुझे तेरे ख्वाबों की, मोहब्बत दे सकता हूं, और तू ख्वाब है मेरा, तू ही रुखसत मत करना मुझे, आलिंगन ना सही, कुछ पल तो तकना मुझे , तेरा नाम ही काफी है, मेरे जीने के लिए, तू किसी और को चाहेगी, मुश्किल नहीं मेरे लिए, मेरी मोहब्बत बस मुझसे, जुस्तजू चाहती है, तेरे नाम पे फना कर दू, सब कुछ, बताती है, और क्यूं ना करू, तू है काबिल इसी के लिए, देखे है कौनसे सावन, तूने जिंदगी में, जों बचे है, उन्हें सवांरना चाहता हूं, तेरे आगोश में खुशियां, जहा भर की, लाना चाहता हूं, बस, तू गर हां कह दे, इक बार मुझे, तेरे क़दमों में, ये दुनिया बिछाना चाहता हूं, तू हां कह दे, तुझे जहां भर की खुशी दूंगा, तेरे इश्क़ में खुद को, फना कर दूंगा।।