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Showing posts from May, 2020

चाहत

सोना कौन चाहता है, मैं तो बस तेरी यादों में, खोना चाहता हूं, कुछ पल तुझ संग गुजरना चाहता हूं, तेरी बातो को एकटक, सुनना चाहता हूं, तू बेफिक्र हो, चैन से सोती रहे, मैं तेरे सपनों का खरीददार बनना चाहता हूं, तेरे हर पल को, हसीं बना सकता हूं, मैं तुझे तेरे ख्वाबों की, मोहब्बत दे सकता हूं, और तू ख्वाब है मेरा, तू ही रुखसत मत करना मुझे, आलिंगन ना सही, कुछ पल तो तकना मुझे , तेरा नाम ही काफी है, मेरे जीने के लिए, तू किसी और को चाहेगी, मुश्किल नहीं मेरे लिए, मेरी मोहब्बत बस मुझसे, जुस्तजू चाहती है, तेरे नाम पे फना कर दू, सब कुछ, बताती है, और क्यूं ना करू, तू है काबिल इसी के लिए, देखे है कौनसे सावन, तूने जिंदगी में, जों बचे है, उन्हें सवांरना चाहता हूं, तेरे आगोश में खुशियां, जहा भर की, लाना चाहता हूं, बस, तू गर हां कह दे, इक बार मुझे, तेरे क़दमों में, ये दुनिया बिछाना चाहता हूं, तू हां कह दे, तुझे जहां भर की खुशी दूंगा, तेरे इश्क़ में खुद को, फना कर दूंगा।।

तुझे याद करता हूं।

तुझे याद करता हूँ तेरी राह तकता हूँ, तू पास नहीं है जो तेरे पास होने की फरियाद करता हूँ | तुझसे अलग होकर दिल टूटता सा है, दिल के उन टुकड़ों को मैं जोड़ जोड़ कर, तुझे दिल में रख लेता हूँ| फिर तुझे याद करता हूँ, फिर तेरी राह तकता हूँ || तुझसे अलग होकर मेरे इस सीने में, एक दर्द सा उठता है वो दर्द निकलता है, एक आह सी भरता है फिर मैं तड़पता हूँ, तू पास नहीं है जो तेरे पास होने की फरियाद करता हूँ | फिर तुझे याद करता हूँ, फिर तेरी राह तकता हूँ || तू मेरे लिए क्या है मैं बता नहीं सकता, तेरे साथ की कीमत कभी जता नहीं सकता, जानता हूँ बस इतना, तू प्रार्थना के जैसी है, एक दुआ के जैसी है, फिर दुआ मैं करता हूँ, तू पास नहीं है जो तेरे पास होने की फरियाद करता हूँ | फिर तुझे याद करता हूँ, फिर तेरी राह तकता हूँ || मैं तुझसे कहता हूँ कुछ बातें करनी हैं, में तुझसे कहता हूँ कभी एक रात जगनी है, पर तेरे साथ में होकर मदहोश मैं जीता हूँ, तू पास नहीं है जो तेरे पास होने की फरियाद करता हूँ | फिर तुझे याद करता हूँ, फिर तेरी राह तकता हूँ || मुझे कभी समझ न आया क्यों उसने मुझे बनाया? पर जब से तू मुझे मिली है जीने की राह ...